Monthly Archives: જાન્યુઆરી 2015

क्षीरसर्करायोग की अधिक जानकारी :

क्षीरसर्करायोग की अधिक जानकारी :

चंद्र – गुरु की युती हो,
दोनोंके बीच परिवर्तन योग हो,
दोनोंके बीचद्रष्टि योग बनता हो,
तो व्यक्तिका मन पवित्र और
परमात्माकी भक्ति की ओर होता है।

आध्यात्मिक क्षेत्रमे सूर्य, चंद्र, गुरु
का बहुतही महत्त्व है।

ज्योतिषी डॉ. सुधीर शाह

क्षीरसर्करायोग

क्षीरसर्करायोग :

ज्योतिष के प्राचीन ग्रंथोमे इस योग की खूब प्रशंसा
की गई है। क्षीरसर्करायोग मे जन्म लेन वाली व्यक्ति
समाजमे प्रतिष्ठित – अग्रणी और उच्च स्थान पे बिराजते है।
ज्ञानी और चारित्र्य वान होते है।

जन्मकुंडली मे चंद्र-गुरु की युति, यानीकी यह दोनों ग्रह
एक राशीमे यातो एक स्थानमे साथ मे हो तो यह
क्षीरसर्करायोग बनता है।

डॉ. सुधीर शाह

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