जीवनका माधुर्य

अंत तक पैसे के पीछे घुमनेवाले,  जीवनका माधुर्य चुक जाते है l 

ये वास्तविकता है l 

हो सके इतना जल्दी निवृत हो कर , जीवन के माधुर्य को चखो l 

 

डॉ. सुधीर शाह

 

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Posted on 27/05/2013, in Dr.Sudhir Shah. Bookmark the permalink. जीवनका माधुर्य માટે ટિપ્પણીઓ બંધ છે.

ટિપ્પણીઓ બંધ છે.

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