भाग्य विधाता

आज जो हो,  वो गत जन्मोका कर्म फल है ,

परन्तु अभी-आजसे ऐसा कर्म करो ,

जीससे वर्तमान और अच्छा हो जाए ,

और ख़ुशीयोंकि लहर का अएसास हो जाए ,

याद रहे आजके कर्म पर कलका भाग्य निश्चित है ,

आपका ‘ भाग्य विधाता ‘ आप ‘ स्वयं ‘ है l 

डॉ सुधीर शाह

Posted on 25/05/2013, in Dr.Sudhir Shah. Bookmark the permalink. भाग्य विधाता માટે ટિપ્પણીઓ બંધ છે.

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