समय – समज – संजोग ये तीनो साथ दे तो संतोष मिलता है

समय – समज – संजोग ये तीनो साथ दे तो संतोष मिलता है 

समय कहेता है की मै रुक नहीं शकता, मुजेतो चलनाही पड़ता है.
 
समज कहेता है की मै रुक शकता हूं , और समज दारी से समय के साथ चल सकता हूं  किन्तु बहुतसारी चीजोंको समज ने के लिये समयभी लगता है .
 
संजोग कहेता है की मै बहुत सारा समय + समज का जमा हुआ फल ( अच्छा या बुरा ) तुम्हारे सामने पेश करता हूँ .
 
डॉ. सुधीर शाह 
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Posted on 29/11/2012, in Dr.Sudhir Shah. Bookmark the permalink. समय – समज – संजोग ये तीनो साथ दे तो संतोष मिलता है માટે ટિપ્પણીઓ બંધ છે.

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